हिसार। सतलोक आश्रम प्रकरण से जुड़े देशद्रोह मामले में अदालत ने रामपाल को राहत दी है। रामपाल ने कोर्ट से अनुरोध किया था कि वह वीडियो कांन्फ्रेंसिंग से कोर्ट में पेश होगा। उसकी इस याचिका को कोर्ट ने मान लिया है। यह आदेश फिलहाल याचिका पर अंतिम सुनवाई तक प्रभावी रहेगा।
रामपाल की ओर से अधिवक्ता महेंद्र सिंह नैन ने अदालत में कहा था कि हर पेशी के दौरान उन्हें भारी पुलिस सुरक्षा के बीच अदालत लाना प्रशासन के लिए मुश्किल हो रहा है। पेशी के दौरान कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका रहती है। बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि रामपाल जमानत पर है और लगातार ट्रायल में सहयोग कर रहा है, इसलिए उसे वीसी के माध्यम से पेश होने की छूट दी जानी चाहिए। इस मामले में अगली सुनवाई 16 मई को प्रस्तावित थी, लेकिन पुलिस ने जल्द सुनवाई के लिए बृहस्पतिवार को अदालत में आवेदन दायर किया।
पुलिस ने भी सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी कराने की मांग का समर्थन किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने रामपाल को अंतरिम राहत प्रदान कर दी। साल 2014 में बरवाला स्थित सतलोक आश्रम में पुलिस कार्रवाई के दौरान हिंसक टकराव हुआ था। पुलिस रामपाल की गिरफ्तारी के लिए आश्रम पहुंची थी, जहां समर्थकों और पुलिस के बीच संघर्ष हो गया। इस दौरान कई लोगों की मौत हुई थी और अनेक पुलिसकर्मी घायल हुए थे।
घटना के बाद रामपाल और उनके समर्थकों पर देशद्रोह, हत्या, हत्या के प्रयास और अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किए गए थे। हाल ही में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने रामपाल को नियमित जमानत दी थी। वहीं, हत्या के मामलों में सुनाई गई उम्रकैद की सजा पर भी हाईकोर्ट पहले ही रोक लगा चुका है।
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