
हिसार। सतलोक आश्रम प्रकरण के देशद्रोह मामले में आश्रम संचालक रामपाल की अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश जासमिन की अदालत में वीडियो कान्फ्रेंसिंग से पेशी हुई। अगली सुनवाई 24 जुलाई को होगी।
केंद्रीय कारागार-2 से रिहा होने के बाद से आश्रम संचालक रामपाल सोनीपत के धनाना स्थित आश्रम में है। आश्रम से ही वीसी से पेशी हुई। रामपाल के वकील की तरफ से अदालत में वीसी के माध्यम से पेशी होने की याचिका लगाई थी। बरवाला पुलिस ने इस पर कोई आपत्ति नहीं उठाई। बरवाला स्थित सतलोक आश्रम संचालक रामपाल देशद्रोह के मामले में केंद्रीय कारागार में बंद थे। पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट की तरफ से आठ अप्रैल को नियमित जमानत दी गई।
10 अप्रैल की शाम को आश्रम संचालक रामपाल केंद्रीय कारागार-दो से बाहर आए थे। वे काफिले के साथ धनाना आश्रम पहुंचा। इसके बाद से धनाना में अपने आवास पर है। 19 नवंबर 2014 को पुलिस और अनुयायियों के बीच टकराव के बाद रात को पुलिस ने सतलोक आश्रम संचालक रामपाल को गिरफ्तार किया था। बरवाला थाना पुलिस ने आश्रम संचालक के खिलाफ देशद्रोह, दो हत्या के मामले और गैस सिलिंडर की कालाबाजारी समेत आठ केस दर्ज किए थे।
हत्या के दो मामलों में 16 और 17 अक्टूबर 2018 को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीआर चालिया की अदालत ने रामपाल समेत अन्य आरोपितों को दोनों मामलों में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। सितंबर 2025 को हाई कोर्ट ने दोनों मामलों में सजा पर निलंबन लगा दिया था। उसके बाद आश्रम संचालक रामपाल की जमानत मंजूर हुई थी। आठ अप्रैल 2026 को पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट ने देशद्रोह के मामले में आश्रम संचालक रामपाल की जमानत मंजूर की गई थी।
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