मोहाली। मोहाली के साथ लगते जीरकपुर के सुषमा वेलेंसिया सोसायटी के 500 से अधिक परिवारों की बिजली से संबंधित परेशानी में उम्मीद जगी है। ये उम्मीद पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश से मिली है।
अगली सुनवाई 15 जुलाई को
सुषमा वेलेंसिया अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन की याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने पॉवरकाम को निर्देश दिए हैं कि जो निवासी जरूरी शुल्क जमा कराने को तैयार हैं। उनकी मांगों पर विचार करे। इसकी अगली सुनवाई 15 जुलाई को होगी। भीषण गर्मी और बिजली संकट के चलते सोसायटी के करीब 150 परिवार पहले ही अपने घर छोड़कर किराये के मकानों या अन्य वैकल्पिक जगहों पर रहने को मजबूर हो चुके हैं।
बच्चे और बुजुर्ग हो रहे परेशान
लोगों का कहना है कि बच्चों, बुजुर्गों और कामकाजी लोगों की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हो रही है। पिछले करीब डेढ़ महीने से सुषमा ग्रुप प्रबंधन से संपर्क नहीं हो पा रहा है। ऐसे में सोसायटी की दैनिक व्यवस्थाओं का जिम्मा निवासियों पर आ गया है। आवश्यक सेवाएं चलाने के लिए जनरेटरों का सहारा लिया जा रहा है, जिससे लोगों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है। निवासियों का दावा है कि जनरेटर और अन्य खर्च मिलाकर उन्हें करीब 48 रुपये प्रति यूनिट तक खर्च उठाना पड़ रहा है।
बार-बार चलाने पड़ रहे जनरेटर
खर्च कम करने के लिए दिन में दो-दो घंटे के अंतराल पर जनरेटर बंद किए जाते हैं, लेकिन लिफ्ट, पानी सप्लाई और अन्य जरूरी सेवाओं के लिए उन्हें दोबारा चलाना पड़ता है। याचिका में कहा गया है कि बिल्डर द्वारा आवश्यक शुल्क जमा न करवाने के कारण निवासियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। साथ ही छोड़ी गई परियोजनाओं के लिए लागू नीति के तहत व्यक्तिगत बिजली कनेक्शन जारी करने की मांग की गई है। पावरकाॅम के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर अमनदीप सिंह गिल ने बताया कि अदालत के निर्देश उच्च अधिकारियों को भेज दिए गए हैं। मामला पहले से विभाग के विचाराधीन है। उच्च अधिकारियों के आदेशों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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