
अंबाला। जजपा छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले और सफीदो के विधायक रामकुमार गौतम के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला के खिलाफ की बयानबाजी ने तूल पकड़ लिया है। उन्होंने कहा था कि चौटाला कहते थे न तो भाजपा रहनी चाहिए और न ही ब्राह्मण।
इस टिप्पणी के बाद पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने उन्हें नोटिस भेजकर माफी मांगने को कहा है। अब इस मामले में इनेलो के अध्यक्ष अभय चौटाला ने भी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दे दी है। उल्लेखनीय है कि रामकुमार गौतम जननायक जनता पार्टी से चुनाव जीतकर विधायक बने थे। इसके बाद से वे मंत्री नहीं बनाए जाने पर नाराज थे। पिछली बार उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर सफीदों से विधायकी हासिल कर ली। तभी से वे समय समय पर अभय चौटाला और दुष्यंत चौटाला पर टिप्पियां करते रहे हैं।
चंडीगढ़ में कल हुई इनेलो के विभिन्न वर्गों की बैठक के दौरान संगठन की मजबूती पर चर्चा की गई। इसके अलावा रामकुमार गौतम की आलोचना भी हुई। इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला और प्रदेशाध्यक्ष रामपाल माजरा ने कहा कि रामकुमार गौतम का यह इतिहास रहा है कि उन्होंने हमेशा जाति की राजनीति करते हुए समाज को बांटने का काम किया। कुछ दिन पहले गौतम ने जाट समाज पर अभद्र टिप्पणी की थी। अब ब्राह्मणों पर की है।
उनका कहना था कि रामकुमार गौतम का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है। रामकुमार गौतम अपने अपशब्दों की माफी मांगे नहीं तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। रामपाल माजरा ने कहा कि देवीलाल और ओमप्रकाश चौटाला ने मुख्यमंत्री रहते हुए ब्राह्मण समाज के कई लोगों को विधायक और मंत्री बनाया। इसके अलावा उन्होंने कई ऐसे ब्राह्मणों के नाम गिनाएं जिन्हें मंत्री बनाया गया था।
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