अंबाला। प्रदेश की 416 अनाज मंडियों में खरीद का काम चल रहा है। लगातार मौसम का उतार चढ़ाव किसानों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। किसान खेत से फसल काटने और मंडी तक पहुंचाने के झाम में फंसे हैं। एकदम से छाने वाले बादल किसानों के चेहरे की रौनक छीन रहे हैं।
धूप दे रही किसानों को राहत
शनिवार देर शाम भी अचानक मौसम बदला और हल्की बूंदाबांदी ने किसानों की धड़कने बढ़ा दी। गनीमत रही कि वर्षा अधिक नहीं हुई। इसके बाद रविवार की सुबह खिली धूप से किसानों ने राहत की सांस ली और फिर से खेतों में खड़ी अपनी फसल को समेटने की तैयारी शुरू कर दी। खेतों में किसान बारिश लगने से गिली हुई गेहूं की फसल की बांधी गई पुलियों को भी बदलते नजर आएं।
रोजाना बदल जाता है मौसम
इलाके में अधिकतम तापमान 31 और न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के विशेषज्ञों के मुताबिक आगामी दिनों में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सयस तक जाने की संभावना है। किसान रामसिंह, हरदयाल, राकेश, भारत, दीपक और राजेश का कहना है कि गेहूं पककर तैयार है और कटाई का कार्य भी जारी है। ऐसे में मौसम का यह उतार-चढ़ाव किसानों के लिए बड़ी परेशानी बन सकता है। किसानों का कहना है कि यदि इस समय बारिश होती है तो खेतों में खड़ी और कटी हुई फसल दोनों को नुकसान हो सकता है।
काले पड़ सकते हैं गेहूं के दाने
बारिश के कारण दाने काले पडऩे और गुणवत्ता खराब होने का खतरा बना रहता है, जिससे उन्हें मंडियों में उचित भाव मिलने में भी दिक्कत आती है। पिछले कुछ दिनों से मौसम का मिजाज स्थिर नहीं है। दिन में तेज गर्मी के बाद अचानक शाम को मौसम बदल जाता है और बूंदाबांदी शुरू हो जाती है। इससे न केवल फसल बल्कि कटाई के कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
Also Read : बॉक्सर स्वीटी और दीपक अलग, भत्ता भी त्यागा
Also Read : खुशियों, मेहनत और आस्था का पर्व है बैसाखी
Also Read : प्रदेश में पहली बार मनेगा बैसाखी पर्व
Also Read : बैसाखी महोत्सव 2026 में होंगे 200 दंगल

