चंडीगढ़। बिजली मंत्री अनिल विज ने बिजली आपूर्ति में व्यवधान की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में अधिकतम दो घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में चार घंटे से अधिक कट न लगे।
अधिक कट के लिए अधिकारी होंगे जिम्मेदार
इससे अधिक बिजली आपूर्ति बाधित रहने की स्थिति में संबंधित बिजली अधिकारियों विशेष रूप से अधीक्षण अभियंता (एसई) जिम्मेदार होंगे। इनके विरुद्ध निलंबन तक की कार्रवाई क की जाएगी। लैंड रिकवरी एक्ट के तहत डिफॉल्टर बिजली उपभोक्ताओं से वसूली में ढिलाई बरतने पर विज ने कैथल, कुरुक्षेत्र, पंचकूला और यमुनानगर के बिजली अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
बोले- प्रदेश में नहीं है बिजली की कमी
चंडीगढ़ में बिजली अधिकारियों की बैठक लेते हुए अनिल विज ने कहा कि राज्य में बिजली की कोई कमी नहीं है, इसलिए प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति प्रदान करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने घोषणा की कि सरकारी भवनों में सोलर सिस्टम तथा पीएम सूर्य घर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान पर आने वाले सर्कल को अवॉर्ड दिया जाएगा।
कम स्टाफ में काम करने की सराहना
अनिल विज ने कहा कि अतिरिक्त मुख्य सचिव का पद लंबे समय से रिक्त रहने के बावजूद विभागीय कार्यों में कोई बड़ी बाधा नहीं आई है, इसके लिए अधिकारी सराहना के पात्र हैं। बिजली मंत्री ने ट्रांसफार्मरों के त्वरित प्रतिस्थापन पर बल देते हुए निर्देश दिया कि मरम्मत कार्यों के दौरान मेंटेनेंस स्टाफ के पास आवश्यक उपकरण, सुरक्षा साधन एवं ट्रांसफार्मर ट्राली उपलब्ध होनी चाहिए।
दो दिन में कर्मचारियों को मिल जाएंगे उपकरण
आयुक्त और सचिव आशिमा बराड़ ने आश्वासन दिया कि दो दिनों के भीतर सभी कर्मचारियों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करा दिए जाएंगे। विज ने यह भी निर्देश दिए कि भविष्य में स्थापित होने वाले सभी बिजली सबस्टेशन जलभराव वाले क्षेत्रों में न बनाए जाएं अथवा उन्हें संभावित जलस्तर से कम से कम दो फुट ऊंचाई पर स्थापित किया जाए। इसके लिए संबंधित विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेना अनिवार्य होगा। सबस्टेशनों के रखरखाव एवं अपग्रेडेशन के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए।
मानसून से हो जाए पेड़ों की छंटाई
वर्षा ऋतु से पूर्व बिजली लाइनों के समीप स्थित पेड़ों की छंटाई सुनिश्चित करने के आदेश देते हुए विज ने कहा कि आंधी-तूफान के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित न हो, इसकी सभी अधिकारियों को चिंता करनी होगी। बिजली उपकरणों की खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता और समन्वय बढ़ाने के लिए विज ने एक ऑनलाइन पोर्टल विकसित करने के निर्देश दिए। इस पोर्टल पर पूरे राज्य में उपयोग होने वाले उपकरणों का विवरण उपलब्ध रहेगा।
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