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विकास ग्रांटों में 3 लाख रुपए की घपलेबाज़ी करने के दोषों अधीन विजीलैंस ब्यूरो द्वारा 3 पर मुकदमा दर्ज

March 11, 2024

विकास ग्रांटों में 3 लाख रुपए की घपलेबाज़ी करने के दोषों अधीन विजीलैंस ब्यूरो द्वारा 3 पर मुकदमा दर्ज

चंडीगढ़: पंजाब विजीलैंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध जारी मुहिम के दौरान राज्य सरकार की तरफ से गाँव नूरपुर, ज़िला एस. बी. एस. नगर को विकास कामों के लिए जारी हुई ग्रांटों में से गाँव के पूर्व सरपंच सुरिन्दर सिंह, ग्राम पंचायत सचिव अशोक कुमार, निवासी गाँव बघौरां, ज़िला शहीद भगत सिंह नगर और मलकीत राम निवासी गाँव सरहाल काज़ियां, ज़िला शहीद भगत सिंह नगर की तरफ से आपसी मिलीभुगत के साथ 3,14, 500 रुपए की घपलेबाज़ी करने के दोषों अधीन मुकदमा दर्ज करके उक्त पूर्व सरपंच सुरिन्दर सिंह और मलकीत राम को गिरफ़्तार कर लिया है। पंचायत सचिव की गिरफ़्तारी के लिए यत्न जारी हैं।

इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए विजीलैंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि एक शिकायत की पड़ताल से पाया गया कि उक्त गाँव नूरपुर को साल 2014 से 2017 तक गलियों- नालियों, गंदे पानी के निकास, एस. सी. और बी. सी. धर्मशालाओं के निर्माण समेत श्मशानघाट के निर्माण सम्बन्धी हासिल हुई ग्रांटों में से उक्त मुलजिमों की तरफ से मस्टरोल मुताबिक लेबर/ मिस्त्री के कामों सम्बन्धी मज़दूरों को 75,000 रुपए की अदायगी की जानी थी परंतु उक्त पंचायत सचिव और सरपंच ने उक्त मलकीत राम के नाम पर 54,500 रुपए रेत/ बज़री की अदायगी सम्बन्धी कैश बुक में फ़र्ज़ी एंट्री दिखा कर यह पैसे मलकीत राम के बैंक में से निकलवा कर आपस में बाँट लिए। इन मुलजिमों ने यह रेत/ बजरी प्रयोग करने और यह अदायगी देने के बारे सम्बन्धित कोई रजिस्टर में कोई प्रस्ताव नहीं लाया गया।

प्रवक्ता ने बताया कि इस गाँव को विकास कामों के लिए कुल 2,60, 000 रुपए की ग्रांटें मिलीं थीं जिनमें भक्त धन्ना राम के कमरे के लिए 1,00, 000 रुपए, जिंम के निर्माण के लिए 1,00,000 रुपए और सोलर लाईटों के लिए 60,000 रुपए प्राप्त हुए थे परंतु टैकनिकल टीम की रिपोर्ट अनुसार जिस काम के लिए यह ग्रांटें आईं थीं वह काम मौके पर होने नहीं पाये गए। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान इन ग्रांटों सम्बन्धी उक्त पंचायत सचिव और सरपंच की तरफ से कैश बुक्क में फ़र्ज़ी एंट्री दिखा कर कुल 2 60, 000 रुपए का गबन किया जाना साबित हुआ है। इसके इलावा पंचायत सचिव और सरपंच की तरफ से उक्त ग्रांटों को ख़र्च करने सम्बन्धी और अदायगियों सम्बन्धी कोई प्रस्ताव नहीं पाया गया। इस तरह गाँव को साल 2014 से 2017 तक प्राप्त ग्रांटों के प्रयोग में पूर्व सरपंच सुरिन्दर सिंह, पंचायत सचिव अशोक कुमार और मलकीत राम की तरफ से आपसी मिलीभुगत के द्वारा कुल 3,14,500 रुपए की घपलेबाज़ी की गई।

प्रवक्ता ने बताया कि इस सम्बन्ध में उक्त तीनों ही मुलजिमों के विरुद्ध धारा 13(1) ए और 13(2) और आई. पी. सी. की धारा 406, 409, 120-बी के अंतर्गत मुकदमा नंबर 05 तारीख़ 11. 03. 2024 को विजीलैंस ब्यूरो के थाना जालंधर रेंज में दर्ज कर लिया गया है। गिरफ़्तार किये मुलजिम पूर्व सरपंच सुरिन्दर सिंह और मलकीत राम को कल अदालत में पेश करके रिमांड हासिल करने के उपरांत और पूछताछ की जायेगी। इस केस की आगे तफ्तीश जारी है।

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