Last Updated: November 8, 2026

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Punjab का किसान अब तैयार करेगा फूलों के बीज, 35 फीसदी मिलेगी सब्सिडी

February 7, 2024

Punjab का किसान अब तैयार करेगा फूलों के बीज, 35 फीसदी मिलेगी सब्सिडी

लुधियाना : अब पंजाब का किसान भी विभिन्न तरह के फूलों के बीज को तैयार करेगा। फूलों के बीजों को निर्यात करने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे किसान धान व गेहूं के फसली चक्र से भी बाहर निकलेगा। वहीं आमदनी में भी बढ़ौतरी होगी। फूलों के बीज तैयार करने की योजना देश में पहली बार की गई है। इसके लिए सरकार किसानों को 35 हजार रूपए हैक्टेयर देगी। फिलहाल राज्य के 6 जिलों लुधियाना, पटियाला, संगरूर, मोगा, फतेहगढ़ साहिब और बठिंडा के किसानों के लिए ही यह योजना शुरू की गई है।

अगर कोई भी किसान इस योजना का फायदा लेना चाहता है तो वह अपने जिले के बागबानी दफ्तर में अर्जी देकर फूलों के बीज को तैयार करने में अपना योगदान दे सकता है। बागबानी विभाग के माहिरों के मुताबिक जो किसान फूलों के बीजों की पैदावार करेंगे, उन्हें फायदा मिलेगा। इससे फूलों की खेती को भी इजाफा मिलेगा। इस योजना के तहत किसान कई किस्मों के फूल की पैदावार कर सकते है। किसानों की आमदनी में बढ़ौतरी के लिए भी अहम है।

फूलों की प्रोसैसिंग से खेती को बढ़ावा देना है

माहिरों ने बताया कि पंजाब से कई तरह के फूलों का निर्यात होता है। सरकार की तरफ से आर्थिक सहायता योजना के तहत फूलों की प्रोसैसिंग करने वाले किसानों को 35 फीसदी सब्सिडी दी जाएगी ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान फूलों की खेती को अपनाए। फूलों का इस्तेमाल परफ्यूम, अगरबत्ती, जूस और चाय बनाने के लिए किया जाता है।

दोराहा के सैंटर में बनाए गए है डच टैक्नॉलोजी वाले पॉलीहाउस

पंजाब में 2100 एकड़ रकबे में फूलों की खेती होती है। बागबानी विभाग की तरफ से दोराहा लुधियाना में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया गया है। यहां डच टेक्नॉलोजी वाले पॉलीहाउस बनाए गए। यह सेंटर फूलों की खेती की ट्रेनिंग देता है। सूबे में फूलों की खेती के तौर पर गेंदा, गुलाब, जैसमीन आदि कई फूलों की खेती की जाती है। डच टेक्नॉलोजी का इस्तेमाल नीदरलैंड में किया जाता है।

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