Last Updated: November 2, 2026

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पंजाब में बेअदबी विरोधी कानून लागू होने के बाद CM Mann ने श्री आनंदपुर साहिब से ‘शुक्राना यात्रा’ का किया नेतृत्व

May 6, 2026

पंजाब में बेअदबी विरोधी कानून लागू होने के बाद CM Mann ने श्री आनंदपुर साहिब से ‘शुक्राना यात्रा’ का किया नेतृत्व

श्री आनंदपुर साहिब: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज यहां तख्त श्री केसगढ़ साहिब में माथा टेकने के बाद पूरे उत्साह के साथ ‘शुक्राना यात्रा’ शुरू की। कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस की मौजूदगी में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह यात्रा परमात्मा का शुक्राना करने के लिए की जा रही है, जिसने उन्हें बेअदबी के मामलों में सख्त सजा की व्यवस्था करने वाला जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतिकार (संशोधन) एक्ट 2026 लागू करके मानवता की सेवा करने का अवसर बख्शा है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जिस पवित्र धरती पर खालसा पंथ प्रकट हुआ था, उससे ‘शुक्राना यात्रा’ शुरू हुई है। बेअदबी रोकने के लिए सख्त कानून बनाने की पवित्र जिम्मेदारी हमें बख्शने के लिए गुरु साहिब के चरणों में शुक्राना किया जा रहा है। पंजाब की शांति और ‘सर्बत्त के भला’ के लिए अरदासें जारी रहेंगी।” पवित्र तख्त साहिब में माथा टेकते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मेरा रोम-रोम परमात्मा का ऋणी है कि उसने मुझे जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतिकार (संशोधन) एक्ट 2026 लागू करके मानवता की सेवा करने का अवसर बख्शा।

हम भाग्यशाली हैं कि हमें इस ऐतिहासिक कानून को पास करने की जिम्मेदारी मिली, जो भविष्य में बेअदबी की घटनाओं को खत्म करने में मददगार होगा।” उन्होंने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी एक गहरी साजिश का हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य पंजाब की शांति, भाईचारक साझ और एकता को तोड़ना था। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह एक्ट यह सुनिश्चित करता है कि इस अक्षम्य अपराध के दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को माफ नहीं किया जाएगा और इस घिनौने अपराध के दोषियों को अनुकरणीय सजा दी जाएगी। यह कानून निवारक के रूप में काम करेगा और भविष्य में कोई भी ऐसा गुनाह करने की हिम्मत नहीं करेगा।”

सिखों की श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के साथ आध्यात्मिक साझ पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी हर सिख के लिए पिता के समान हैं और इसकी पवित्रता की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है। दुनिया भर के लोग इस ऐतिहासिक कदम पर खुशी प्रकट कर रहे हैं और धन्यवाद कर रहे हैं।”

शुक्राना यात्रा के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि श्री आनंदपुर साहिब के बाद वे 9 मई तक तख्त श्री केसगढ़ साहिब, श्री अकाल तख्त साहिब, श्री दमदमा साहिब, मस्तुआणा साहिब, गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब और श्री फतेहगढ़ साहिब में नतमस्तक होंगे। उन्होंने अत्यधिक गर्मी के बावजूद यहां एकत्रित हुए लोगों का धन्यवाद करते हुए कहा कि “इस यात्रा का एकमात्र मंतव्य इस महत्वपूर्ण एक्ट को पास करने के लिए ताकत और बख्शने के लिए परमात्मा का शुक्राना करना है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हम तो एक माध्यम हैं, जिसे गुरु साहिब ने यह पवित्र जिम्मेदारी निभाने के लिए चुना है। मैं इस एक्ट को पास करने वाला कोई नहीं हूं। गुरु साहिब ने खुद यह सेवा मुझसे ली है। परमात्मा ऐसी सेवा सिर्फ उन्हीं को सौंपता है, जिन्हें उसने खुद चुना होता है। मैं गुरु साहिब का एक विनम्र सेवक हूं, जिसे यह कार्य सौंपा गया है।”

उन्होंने आगे कहा कि समाज के सभी वर्गों के लोग लंबे समय से बेअदबी की घटनाओं को रोकने के लिए ऐसे कानून की मांग कर रहे थे। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इस एक्ट का एकमात्र उद्देश्य पिछली सरकारों की लापरवाही के कारण लोगों की अशांत हुई भावनाओं को शांत करना है।

इस कानून के पीछे कोई भी राजनीतिक मंतव्य नहीं है।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि दुनिया भर के लोग इस पहल के लिए हमारा धन्यवाद करने के लिए रोजाना फोन कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि कुछ व्यक्ति इस एक्ट का विरोध सिर्फ इसलिए कर रहे हैं क्योंकि उनके राजनीतिक आका नाखुश हैं। उन्होंने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोग अपने निजी हितों के लिए इस पवित्र मुद्दे पर भी राजनीति कर रहे हैं क्योंकि वे जानते हैं कि उन्हें जल्दी अपने गुनाहों के नतीजे भुगतने पड़ेंगे।”

लोकसभा सदस्य के रूप में अपने कार्यकाल को याद करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उन्होंने पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के साथ मिलकर छोटे साहिबजादों को उनके शहीदी दिवस पर श्रद्धांजलि देने के मामले की सदन में सफलतापूर्वक पैरवी की थी। उन्होंने कहा कि पूरा पंजाब उस समय को शोक के महीने के रूप में मनाता है क्योंकि छोटे साहिबजादों को जालिम शासकों ने जिंदा नींव में चिनवा दिया था। मुझसे पहले 190 से अधिक सांसदों ने पंजाब का प्रतिनिधित्व किया, लेकिन उनमें से किसी ने भी संसद में यह मुद्दा नहीं उठाया।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटे साहिबजादों की शहादत आने वाली पीढ़ियों को अत्याचार, बेइंसाफी और दमन के खिलाफ जूझने के लिए प्रेरित करती रहेगी। श्री आनंदपुर साहिब के ऐतिहासिक महत्व का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, “इस पवित्र धरती पर श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने 13 अप्रैल 1699 को खालसा पंथ प्रकट किया था, जो इतिहास को नया मोड़ देने वाली घटना थी। इसी दिन हमारी सरकार ने बेअदबी के खिलाफ ऐतिहासिक कानून पास किया है।”

मुख्यमंत्री ने यह भी चेताया कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350 साला शहीदी दिवस के अवसर पर पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र श्री आनंदपुर साहिब में बुलाया गया। उन्होंने कहा कि इतिहास में यह पहला अवसर है, जब पंजाब विधानसभा गुरु साहिब के चरणों में नतमस्तक हुई। इस विशेष सत्र के दौरान विधानसभा ने अमृतसर, तलवंडी साबो और श्री आनंदपुर साहिब को पवित्र शहर का दर्जा देने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किया।”

पंजाब में सिखी के आध्यात्मिक महत्व को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सिखों के पांच तख्तों में से तीन – श्री अकाल तख्त साहिब (अमृतसर), श्री दमदमा साहिब (तलवंडी साबो) और तख्त श्री केसगढ़ साहिब (श्री आनंदपुर साहिब) – पंजाब में पड़ते हैं। उन्होंने कहा, “लोगों की लंबे समय से लटकती मांग को ध्यान में रखते हुए पंजाब सरकार ने इन शहरों को पवित्र शहर का दर्जा दिया है। इन शहरों के समग्र विकास के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी और इस कार्य के लिए फंडों की कोई कमी नहीं है।” यात्रा के दौरान कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस और कई अन्य हस्तियां भी मौजूद थीं।

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