
मोगा: पंजाब सरकार द्वारा नशे के खात्मे के लिए शुरू किए गए 60 दिवसीय अभियान की डिप्टी कमिश्नर मोगा श्री सागर सेतिया ने समीक्षा की। डिप्टी कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में सत्यापित किए गए 46 ड्रग हॉटस्पॉट क्षेत्रों की सूरत बदलने का कार्य युद्ध स्तर पर पूरा किया जाए। डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि सुनसान स्थानों, खंडहर इमारतों आदि, जिनका इस्तेमाल नशा तस्करों और नशे से पीड़ित लोगों द्वारा नशा करने के लिए किया जाता है, वहां साफ-सफाई, इमारतों की मरम्मत और लाइटें लगवाने जैसे कार्य तुरंत पूरे किए जाएं।
डिप्टी कमिश्नर ने आज जिले के सत्यापित नशा प्रभावित क्षेत्रों के नवीनीकरण, बुनियादी सुविधाओं में सुधार और सर्वांगीण विकास के लिए चलाई जा रही 60 दिवसीय विशेष मुहिम की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों से अभियान के तहत अब तक की गई कार्रवाइयों और चल रहे विकास कार्यों के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त की तथा अधिकारियों को अभियान के निर्धारित लक्ष्य समयबद्ध तरीके से पूरे करने के निर्देश दिए।

डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि नशा प्रभावित क्षेत्रों का नवीनीकरण केवल विकास कार्यों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इन क्षेत्रों में साफ-सफाई, स्वास्थ्य सुविधाओं, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, युवाओं की रचनात्मक गतिविधियों में भागीदारी और लोगों में सामाजिक जागरूकता पैदा करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी तालमेल से काम करते हुए यह सुनिश्चित करें कि अभियान का लाभ सीधे इन क्षेत्रों के निवासियों तक पहुंचे।
उन्होंने ड्रग विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के मेडिकल स्टोरों की लगातार जांच की जाए और दवाइयों की बिक्री संबंधी निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन या किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
डिप्टी कमिश्नर ने पुलिस विभाग को नशे से प्रभावित क्षेत्रों में लगातार गश्त बढ़ाने और इन इलाकों में सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की निरंतर मौजूदगी सुनिश्चित की जाए तथा नशा तस्करी या गैर-कानूनी गतिविधियों संबंधी मिलने वाली शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की जाए।

उन्होंने आगे कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में सख्त कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ नशे से पीड़ित लोगों का इलाज, पुनर्वास और समाज की मुख्यधारा में उनकी वापसी भी बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए स्वास्थ्य एवं अन्य संबंधित विभाग नशे से पीड़ित लोगों को उपलब्ध इलाज और पुनर्वास सुविधाओं के बारे में जागरूक करें तथा जरूरतमंदों तक इन सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित बनाएं।
डिप्टी कमिश्नर ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कार्यों की नियमित निगरानी करें, आपसी तालमेल से सामने आ रही समस्याओं का समाधान करें और 60 दिवसीय विशेष अभियान के लक्ष्यों की प्राप्ति संबंधी प्रगति रिपोर्ट निर्धारित समय के भीतर प्रस्तुत करें।
इस अवसर पर एसएसपी सरताज सिंह चाहल ने पुलिस अधिकारियों को कहा कि नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के साथ-साथ नशे से पीड़ित लोगों के इलाज के कार्य को भी प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, ताकि वे भी समाज की मुख्यधारा में शामिल हो सकें। बैठक में एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (जनरल) श्री जसपिंदर सिंह, विशेष कार्य अधिकारी (शहरी विकास) सुश्री हर्षिता शर्मा, कमिश्नर नगर निगम श्री गुरविंदर सिंह जौहल, सभी उपमंडल मजिस्ट्रेट और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
📍 Location: मोगा
मेष: दिन शुभ रहेगा...