Hukamnama 25 August 2025 : सोरठि महला ३ घरु १ तितुकी ॥ भगता दी सदा तू रखदा हरि जीउ धुरि तू रखदा आइआ ॥ प्रहिलाद जन तुधु राखि लए हरि जीउ हरणाखसु मारि पचाइआ ॥ गुरमुखा नो परतीति है हरि जीउ मनमुख भरमि भुलाइआ ॥१॥ हरि जी एह तेरी वडिआई ॥ भगता की पैज रखु.
सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब समस्त मानवता के लिए अध्यात्मिक केन्द्र है जहां हर जाति पाति के आम नागरिक से लेकर पूरे विश्व का राजनीतिक, धार्मिक व सामाजिक नेता अपना शीश