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नई दिल्लीः मशहूर मुक्केबाजों के परिवार में जन्मी नूपुर श्योराण को शुरूआती वर्षों में मुक्केबाजी से खास लगाव नहीं था और वह इसके बजाय पिल्लों के साथ खेलना पसंद करती थी। लेकिन विश्वविद्यालय के एक टूर्नामेंट में मिली हार ने उनके जीवन की दिशा ही बदल दी क्योंकि वह आखिरकार उस खेल से अपना करियर.