सतगुरु रविदास जी महाराज की 648वीं जयंती पर रविदास मंदिर, जाफरखेड़ा में हुए कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री। बोले-संत रविदास ने आत्मिक शुद्धि पर दिया ध्यान।
Maha Kumbh 2025 : महाकुंभ 2025 में आस्था की गंगा में डुबकी लगाने के लिए श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। 11 फरवरी 2025 को अब तक 81.60 लाख से अधिक श्रद्धालु पावन स्नान कर चुके हैं। इनमें से 10 लाख से अधिक कल्पवासी हैं, जो एक महीने से संगम तट पर साधना कर रहे.
महाकुंभ नगर। सबसे बड़ा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजन महाकुंभ अपनी दिव्यता और भव्यता के लिए दुनियाभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसी कड़ी में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) के सांस्कृतिक राजदूत और मल्टीकल्चरल प्रोग्राम के हेड डॉ. आशुतोष मिश्र अपनी पत्नी श्वेता के साथ भारत आए और काशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन के.
Maha Kumbh 2025 : विश्व के सबसे बड़े धार्मिक सांस्कृतिक समागम महाकुंभ 2025 ने दुनिया को अचंभित कर रखा है। दुनियाभर के बड़े धार्मिक आयोजनों में यह अपनी विशेष पहचान बना चुका है। प्रयागराज में मां गंगा, मां यमुना और अदृश्य सरस्वती नदियों के पावन संगम में बीते 30 दिनों में आस्था का अटूट रेला.
Mahakumbh Traffic : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में देश-दुनिया के श्रद्धालु लाखों की तादाद में हिस्सा ले रहे हैं। वहीं बड़ी संख्या में अभी भी श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है। इसी के चलते मध्य प्रदेश से भी गुजरने वाली सड़कों पर भारी आवागमन है और कई स्थानों पर जाम.
President Murmu in Mahakumbh : देश की प्रथम नागरिक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज यानी सोमवार को प्रयागराज में होंगी। वह महाकुंभ पहुंचकर संगम में आस्था की डुबकी लगाएंगी। संगम स्नान के अलावा, राष्ट्रपति मुर्मू अक्षयवट और बड़े हनुमान मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगी। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनकी अगवानी करेंगे। राष्ट्रपति के दौरे को देखते.
Milkipur Bypoll 2025 result : अयोध्या। मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव में BJP ने बंपर जीत दर्ज की है, उपचुनावों का फैसला भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में आया है। कुल तीस राउंड की मतगणना में बीजेपी के प्रत्याशी चद्रभानु पासवान 61 हजार वोटों से जीत दर्ज की है। इस जीत के साथ चंद्रभानु पासवान.
Devraha Baba Camp : प्रयागराज में बने अस्थाई शहर महाकुंभ नगर में साधु-संतों के सैकड़ों-हजारों शिविर लगे हुए हैं, जो महाकुंभ के समाप्ति के बाद हट जाएंगे। हालांकि एकमात्र संत देवरहा बाबा का शिविर उसी जगह पर मौजूद रहेगा, जहां पूरे साल रोजाना हजारों श्रद्धालु आते हैं। यहां पर एक अखंड ज्योति भी है, जो.