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नई दिल्ली: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने हाल ही में एक बयान में कहा कि संविधान में ‘धर्मनिरपेक्ष’ (सेक्युलर) शब्द भारत की संविधानिक प्रकृति के अनुसार नहीं है। उन्होंने यह टिप्पणी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले की उस मांग का समर्थन करते हुए दी, जिसमें उन्होंने संविधान की प्रस्तावना (Preamble) से ‘समाजवादी’.