आज की तेज रफ्तार और व्यस्त जीवन में पेट्रोल-डीजल की चिंता किए बिना यात्रा करने का सबसे सस्ता और स्वास्थ्यवर्धक तरीका है साइकिल चलाना। साइकिल न सिर्फ सफर को आसान बनाती है बल्कि शरीर और मन दोनों को चुस्त-दुरुस्त रखने में भी अहम भूमिका निभाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ साइकिल को सेहत का सच्चा साथी मानते.
बदलती जीवनशैली और फास्ट फूड की बढ़ती आदतों के बीच अनहेल्दी खानपान लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल रहा है। खुद को लेकर की गई ये लापरवाही एनीमिया जैसी स्वास्थ्य समस्याओं की भी वजह बनते जा रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि शरीर को जरूरी पोषक तत्व न मिलने पर एनीमिया जैसी.
अगर आपने कभी ट्रेन को गुजरते हुए ध्यान से देखा हो, तो उसकी आखिरी बोगी के पीछे बड़े आकार में बना ‘X’ का निशान जरूर देखा होगा। बहुत से लोग इसे सिर्फ एक सामान्य चिन्ह समझकर नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन रेलवे के लिए इसका बहुत महत्वपूर्ण मतलब होता है। यह निशान सिर्फ पहचान के.
इस दौर में स्मोकिंग से ज्यादा वेपिंग एक चुनौती के तौर पर उभर रही है। विश्व तंबाकू निषेध दिवस के मौके पर डब्ल्यूएचओ ने ऐसी तस्वीर पेश की जो भयावह है। बताया है कि कैसे युवा तंबाकू से दूरी बना रहे हैं, लेकिन वहीं किशोर इसके मकड़जाल में फंसते जा रहे हैं। ‘2000–2024 के बीच.
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में फिट दिखने और परफेक्ट बॉडी पाने की चाह कई बार लोगों को ऐसी आदतों की ओर धकेल देती है, जो धीरे-धीरे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकती हैं। ऐसी ही एक समस्या है ईटिंग डिसऑर्डर, जिसे आमतौर पर सामान्य डाइटिंग या खाने की आदत समझकर नजरअंदाज.
आज की तेज रफ्तार जिंदगी में लोग काम और तनाव के बीच अपनी नींद से समझौता कर रहे हैं। कई लोग कम नींद को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार यह आदत सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। पर्याप्त नींद नहीं लेने से शरीर और दिमाग दोनों पर बुरा.
गर्मी का मौसम अपनी चरम सीमा पर पहुंच रहा है। इस समय गर्मी से जुड़ी बीमारियां धीरे-धीरे बढ़ने लगती हैं और कई बार लोगों को इसका पता भी नहीं चलता। लेकिन शरीर बीमारी गंभीर होने से काफी पहले ही कई संकेत देना शुरू कर देता है। इन संकेतों को समय रहते पहचानकर गंभीर समस्याओं से.
जीभ हमारे शरीर का एक अहम हिस्सा है। यह सिर्फ स्वाद ही नहीं बताती, बल्कि शरीर के अंदर चल रही गड़बड़ियों के संकेत भी देती है। यही वजह है कि डॉक्टर से मिलते वक्त सबसे पहले जीभ दिखाने को कहा जाता है। जीभ का रंग बदलना बुखार, पाचन खराब होने या दूसरी दिक्कतों की ओर.
Old Age Care: बुढ़ापा कोई बीमारी नहीं, बल्कि जीवन का एक स्वाभाविक और सम्मानजनक पड़ाव है। जिस तरह बचपन और युवावस्था में शरीर और मन की अलग-अलग जरूरतें होती हैं, उसी तरह बुज़ुर्गावस्था की भी अपनी खास आवश्यकताएं और चुनौतियां होती हैं। सही देखभाल और सकारात्मक सोच के साथ इस दौर को भी खुशहाल बनाया.
नई दिल्ली: क्या आपने कभी गौर किया है कि कई दवाओं के पत्ते (ब्लिस्टर पैक) पर लाल, नीली, हरी या काली रंग की लाइन बनी होती है? अक्सर लोग इसे सिर्फ डिजाइन समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन असल में इन लाइनों का सीधा संबंध आपकी सेहत और दवा के सही इस्तेमाल से होता है।.