शिमला: हिमाचल प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भेंट की। इस दौरान उन्होंने हिमाचल प्रदेश से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विषयों, प्रदेश की वर्तमान परिस्थितियों तथा विकास से संबंधित मुद्दों पर प्रधानमंत्री के साथ विस्तृत चर्चा की और उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया। जयराम ठाकुर.
शिमला- पूर्व मंत्री एवं भाजपा विधायक सुधीर शर्मा शुक्रवार को राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के शिमला स्थित मुख्यालय पहुंचे। उनके साथ भाजपा के वरिष्ठ विधायक विपिन सिंह परमार, सतपाल सिंह सत्ती, बलबीर वर्मा, डॉ. जनक राज, इंद्रदत्त लखनपाल, राकेश जम्वाल और त्रिलोक जम्वाल भी विजिलेंस मुख्यालय पहुंचे और सुधीर शर्मा के प्रति अपना.
शिमला: हिमाचल प्रदेश वन विभाग ने प्रदेश की वन एवं चरागाह आधारित अर्थव्यवस्था की अप्रयुक्त संभावनाओं को विज्ञान और प्रौद्योगिकी आधारित व्यवस्था के माध्यम से साकार करने के लिए भारती इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक पॉलिसी, इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (आईएसबी-बीआईपीपी) के साथ पांच वर्ष के समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह.
शिमला: नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा है कि इस मानसून सत्र में विपक्ष की भूमिका रचनात्मक रहेगी। अगर हमारी बात को गंभीरता से लिया जाएगा तो हम साथ देंगे और अगर बात टालने की कोशिश होगी तो विपक्ष सदन के अंदर और बाहर जनता की आवाज़ बनकर सरकार को अपनी बात मानने के लिए.
मंडी। जिला मंडी में मांस, मछली, दूध, पनीर, दही तथा ढाबों एवं अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में परोसे जाने वाले विभिन्न खाद्य पदार्थों की अधिकतम दरें निर्धारित कर दी गई हैं। उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। अधिसूचना के अनुसार बकरे/भेड़ के मांस की अधिकतम दर 550 रुपये प्रति किलोग्राम,.
कुल्लूः हिमाचल प्रदेश में विश्वविद्यालय और कॉलेज स्तर पर छात्रों की समस्याओं का समाधान ना होता देखा पर ढालपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के द्वारा उग्र प्रदर्शन किया गया। इस दौरान छात्रों ने प्रदेश सरकार का पुतला भी फूंका और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, हालांकि इस दौरान पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे। लेकिन.
केलांग: उपमंडल अधिकारी नागरिक कुनिका एकर्स ने जानकारी देते हुए बताया कि मयाड क्षेत्र करपट में हाल ही में आई बाढ़ की स्थिति के बाद राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी हैं। वर्तमान में नाले का जलस्तर प्राकृतिक रूप से धीरे-धीरे कम हो रहा है, जिससे क्षेत्र में स्थिति में सुधार हो रहा है। प्रभावित.