Last Updated: September 21, 2026

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हुक्मनामा श्री हरिमंदिर साहिब जी 16 जनवरी 2024

हुक्मनामा श्री हरिमंदिर साहिब जी 09 जनवरी 2024

सलोकु मः ३ ॥ जिन कंउ सतिगुरु भेटिआ से हरि कीरति सदा कमाहि ॥ अचिंतु हरि नामु तिन कै मनि वसिआ सचै सबदि समाहि ॥

हुक्मनामा श्री हरिमंदिर साहिब जी 03 जनवरी 2024

हुक्मनामा श्री हरिमंदिर साहिब जी

हुक्मनामा श्री हरिमंदिर साहिब जी 1 जनवरी 2024

जैतसरी महला ५ घरु २ छंत ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ सलोकु ॥ ऊचा अगम अपार प्रभु कथनु न जाइ अकथु ॥ नानक प्रभ सरणागती राखन कउ समरथु ॥१॥ छंतु ॥ जिउ जानहु तिउ राखु हरि प्रभ तेरिआ ॥ केते गनउ असंख अवगण मेरिआ ॥ असंख अवगण खते फेरे नितप्रति सद भूलीऐ ॥ मोह मगन बिकराल.

हुक्मनामा श्री हरिमंदिर साहिब जी 26 दिसंबर 2023

रागु बिलावलु महला ५ घरु २ यानड़ीए कै घरि गावणाੴ सतिगुर प्रसादि ॥ मै मनि तेरी टेक मेरे पिआरे मै मनि तेरी टेक ॥ अवर सिआणपा बिरथीआ पिआरे राखन कउ तुम एक ॥१॥ रहाउ ॥ सतिगुरु पूरा जे मिलै पिआरे सो जनु होत निहाला ॥ गुर की सेवा सो करे पिआरे जिस नो होइ दइआला.

हुक्मनामा श्री हरिमंदिर साहिब जी 25 दिसंबर 2023

सलोक ॥मन इछा दान करणं(ग) सरबत्र आसा पूरनह ॥ खंडणं(ग) कलि कलेसह प्रभ सिमरि नानक नह दूरणह ॥१॥ हभि रंग माणहि जिसु संगि तै सिउ लाईऐ नेहु ॥ सो सहु बिंद न विसरउ नानक जिनि सुंदरु रचिआ देहु ॥२॥ पउड़ी ॥ जीउ प्रान तनु धनु दीआ दीने रस भोग ॥ ग्रिह मंदर रथ असु दीए.

हुक्मनामा श्री हरिमंदिर साहिब जी 22 दिसंबर 2023

ਸਲੋਕੁ ਮਃ ੪ ॥ ਗੁਰਮੁਖਿ ਅੰਤਰਿ ਸਾਂਤਿ ਹੈ ਮਨਿ ਤਨਿ ਨਾਮਿ ਸਮਾਇ ॥ ਨਾਮੋ ਚਿਤਵੈ ਨਾਮੁ ਪੜੈ ਨਾਮਿ ਰਹੈ ਲਿਵ ਲਾਇ ॥ ਨਾਮੁ ਪਦਾਰਥੁ ਪਾਇਆ ਚਿੰਤਾ ਗਈ ਬਿਲਾਇ ॥ ਸਤਿਗੁਰਿ ਮਿਲਿਐ ਨਾਮੁ ਊਪਜੈ ਤਿਸਨਾ ਭੁਖ ਸਭ ਜਾਇ ॥ ਨਾਨਕ ਨਾਮੇ ਰਤਿਆ ਨਾਮੋ ਪਲੈ ਪਾਇ ॥੧॥ ਮਃ ੪ ॥ ਸਤਿਗੁਰ ਪੁਰਖਿ ਜਿ ਮਾਰਿਆ ਭ੍ਰਮਿ ਭ੍ਰਮਿਆ ਘਰੁ.

हुक्मनामा श्री हरिमंदिर साहिब जी 10 दिसंबर 2023

धनासरी छंत महला ४ घरु १ ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ हरि जीउ क्रिपा करे ता नामु धिआईऐ जीउ ॥ सतिगुरु मिलै सुभाइ सहजि गुण गाईऐ जीउ ॥ गुणy गाइ विगसै सदा अनदिनु जा आपि साचे भावए ॥ अहंकारु हउमै तजै माइआ सहजि नामि समावए ॥ आपि करता करे सोई आपि देइ त पाईऐ ॥ हरि.

हुक्मनामा श्री हरमंदिर साहिब जी 9 दिसंबर 2023

रागु धनासरी बाणी भगत कबीर जी की ੴ सतिगुर प्रसादि ॥राम सिमरि राम सिमरि राम सिमरि भाई ॥ राम नाम सिमरन बिनु बूडते अधिकाई ॥१॥ रहाउ ॥ बनिता सुत देह ग्रेह संपति सुखदाई ॥ इन्ह मै कछु नाहि तेरो काल अवध आई ॥१॥ अजामल गज गनिका पतित करम कीने ॥ तेऊ उतरि पारि परे राम.

हुक्मनामा श्री हरमंदिर साहिब जी 8 दिसंबर 2023

सलोकु मः ४ ॥ गुरमुखि अंतरि सांति है मनि तनि नामि समाइ ॥ नामो चितवै नामु पड़ै नामि रहै लिव लाइ ॥ नामु पदारथु पाइआ चिंता गई बिलाइ ॥ सतिगुरि मिलिऐ नामु ऊपजै तिसना भुख सभ जाइ ॥ नानक नामे रतिआ नामो पलै पाइ ॥१॥ मः ४ ॥ सतिगुर पुरखि जि मारिआ भ्रमि भ्रमिआ घरु.

हुक्मनामा श्री हरमंदिर साहिब जी 7 दिसंबर 2023

धनासरी महला ४ ॥ कलिजुग का धरमु कहहु तुम भाई किव छूटह हम छुटकाकी ॥ हरि हरि जपु बेड़ी हरि तुलहा हरि जपिओ तरै तराकी ॥१॥ हरि जी लाज रखहु हरि जन की ॥ हरि हरि जपनु जपावहु अपना हम मागी भगति इकाकी ॥ रहाउ ॥ हरि के सेवक से हरि पिआरे जिन जपिओ हरि.

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