Last Updated: October 3, 2026

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समय में पीछे जाकर डॉ. द्वारकानाथ कोटनीस के जीवन के बारे में जाने

ब्रिटिश पाकिस्तानी टिकटॉकर, मां को आजीवन कारावास

लंदनः ब्रिटेन में लीसेस्टरशायर की एक अदालत ने दोहरे हत्याकांड के मामले में टिकटॉकर महेक बुखारी और उनकी मां अंसारीन बुखारी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने महेक (24) को न्यूनतम 31 वर्ष और आठ महीने के आजीवन कारावास तथा उनकी मां अंसारीन को न्यूनतम 26 साल और नौ महीने के आजीवन कारावास.

शराब पीने के लिए पैसा मांगा, नहीं मिला तो दो माह के बेटे को पटक कर मार डाला, फिर एेसी मिली सजा की…

वाराणसी। शराब पीने के लिए पत्नी ने पति को पैसे नहीं दिये तो दो माह के बेटो के जमीन पर पटकर मार डालने का मामला सामने आया है। यह मामला ड़ागांव थाना के भिखारीपुर गांव बताया जा रहा है। इसके बाद रोहनिया थाना के जगतपुर निवासी लालता ने बड़ागांव थाने में मुकदमा दर्ज कराया था.

युवक ने फांसी लगाकर की अपनी जीवन लीली समाप्त

वाराणसी ः चौबेपुर थाना क्षेत्र के गौरा कला के आराजी नेवादा में युवक ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली है। गांव में फांसी लगाने की सूचना मिलते ही लोगों में कोहराम मच गया । घटना की सूचना मिलते ही मौके पर एसीपी सारनाथ राजकुमार सिंह व एसओ राजीव सिंह पहुंचे। इसके बाद.

थप्पड़ का खेल पड़ा जान पर भारी, लड़के ने तोड़ा दम, जानिए क्या है हैरान कर देने वाला यह पूरा मामला

स्कूल के समय अपने दोस्तों पर बोरी डालकर उन्हें पीटने का खूब रिवाज था। जो अभी भी कुछ लोगों द्वारा खेला जाता है। लेकिन अपने कभी यह नहीं सोचा होगा के इस खेल से किसी की मौतभी हो सकती है। इसका एक हैरान करने वाला मामला सामने आया हैं एनसीआर (NCR) के शहर गाजियाबाद से.

जीवन को देखने के 2 तरीके हैं पहला यह कि किसी एक उद्देश्य की प्राप्ति के पश्चात मैं सुखी होऊंगा, दूसरा यह कि जो भी हो, मैं सुखी हू: गुरु देव श्रीश्री रवि शंकर

जम्मू: आर्ट ऑफ लिविंग की जम्मू-कश्मीर इकाई के संयोजक अजय कपूर ने गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर के एक संदेश को जम्मूकश्मीर इकाई के सदस्यों को सुनाया है और कहा है कि गुरुदेव कहते हैं कि प्रत्येक जीवित प्राणी सुखी रहना चाहता है, चाहे वह धन, शक्ति या इन्द्रिय सुख हो, तुम इसमें सुख के.

पानी की एक बूंद भी बर्बाद न होने दें क्योकि बिन पानी सब सूना

पानी सबकी जरूरत है। इसके बिना ज़िंदगी की कल्पना भी नहीं की जा सकती। मानव, पशु,पेड़-पौधे, खेतखलिहान सभी पानी पर निर्भर हैं, अर्थात् जल ही जीवन है लेकिन जिस रफ्तार से भूमिगत जल का स्तर गिरता जा रहा है, उससे सारा विश्व चिंता में पड़ गया है। आज हर छोटे-बड़े नगरों में पानी की समस्या.

समृद्ध आध्यात्मिक जीवन की आधारशिला है आत्मचिंतन

मनुष्य एक सांसारिक प्राणी है। संसार के भौतिक मायाजाल का हमारे मानस पटल पर प्रतिपल प्रभाव पड़ता है। कर्मों के प्रवाह में बहते हुए हमें उचित अथवा अनुचित का आभास ही नहीं होता। ऐसी विकट परिस्थितियों में आत्मचिंतन ही मनुष्य को मानसिक शक्ति प्रदान करता है। आत्मचिंतन स्वयं को सूक्ष्मता से परखने की प्रक्रिया है।.

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