Last Updated: October 21, 2026

Dainik Savera Times Logo

“बेल्ट एंड रोड” पहल :China से उत्पन्न और विश्व से संबंधित

October 12, 2023

“बेल्ट एंड रोड” पहल :China से उत्पन्न और विश्व से संबंधित

तीसरा “बेल्ट एंड रोड” अंतर्राष्ट्रीय शिखर मंच जल्द ही आयोजित होने वाला है। इस अवसर पर चीन सरकार ने हाल ही में एक श्वेत पत्र जारी कर “बेल्ट एंड रोड” के संयुक्त निर्माण की ऐतिहासिक उत्पत्ति, वैचारिक दृष्टि, कार्यान्वयन पथ, व्यावहारिक उपलब्धियों और विश्व महत्व की स्पष्ट और पूर्ण व्याख्या की।

साल 2013 में, चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने क्रमिक रूप से “सिल्क रोड इकोनॉमिक बेल्ट” और “21वीं सदी के समुद्री सिल्क रोड” के संयुक्त निर्माण की पहल का प्रस्ताव दिया था। इसे सामूहिक रूप से “बेल्ट एंड रोड” पहल के रूप में जाना जाता है। लगभग 30 हज़ार शब्दों वाले इस श्वेत पत्र ने पिछले दस वर्षों का “रिपोर्ट कार्ड” दिखाने के लिए बड़ी संख्या में तथ्यों और विस्तृत डेटा का उपयोग किया है।

श्वेत पत्र के अनुसार, जून 2023 के अंत तक, चीन ने पांच महाद्वीपों के 150 से अधिक देशों और 30 से अधिक अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ “बेल्ट एंड रोड” पहल पर 200 से अधिक सहयोग दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए हैं। पिछले 10 वर्षों में, “बेल्ट एंड रोड” का संयुक्त निर्माण एक चीनी पहल से अंतर्राष्ट्रीय अभ्यास तक, अवधारणा से कार्रवाई तक, दृष्टि से वास्तविकता तक विकसित हुआ है, ठोस परिणाम प्राप्त हुए हैं, और एक लोकप्रिय अंतर्राष्ट्रीय सार्वजनिक उत्पाद और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग मंच बन गया है।

श्वेत पत्र में कई ज्वलंत डेटा और ज्वलंत मामले सूचीबद्ध हैं। जैसा कि लाओस एक “भूमि से घिरे देश” से “भूमि से जुड़े देश” में बदल गया है, मालदीव को अपना पहला क्रॉस-सी ब्रिज मिल गया है, इंडोनेशिया हाई-स्पीड रेल के युग में प्रवेश कर गया है, पूर्वी अफ्रीका में एक अंतरराष्ट्रीय विद्युतीकृत रेलवे यानी अदीस अबाबा-जिबूती रेलवे का संचालन हुआ है, आदि।

मैकिन्से कंपनी की शोध रिपोर्ट से पता चलता है कि अफ्रीका में चीनी कंपनियों के कर्मचारियों की स्थानीयकरण दर 89 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो प्रभावी रूप से स्थानीय आबादी को रोजगार के अवसरों में वृद्धि हो रही हैं। वहीं, विश्व बैंक का अनुमान है कि साल 2030 तक “बेल्ट एंड रोड” के संयुक्त निर्माण से संबंधित निवेश से संभवतः इसके सह-निर्माण वाले देशों में 76 लाख लोग अत्यधिक गरीबी से और 3.2 करोड़ लोग मध्यम गरीबी से बाहर निकलेंगे।

ये उदाहरण साबित करते हैं कि “बेल्ट एंड रोड” पहल का संयुक्त निर्माण एक नारा नहीं है, बल्कि वास्तविक कार्रवाई है। यह उन मुख्य बाधाओं को हल करने पर केंद्रित है जो अधिकांश विकासशील देशों में कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को बाधित करती हैं। इसके साथ ही, यह सह-निर्माण वाले देशों की गरीबी कम करने की क्षमता को बढ़ाता है और अधिक देशों व लोगों को लाभान्वित करता रहता है।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें