वैलेंटाइन वीक की शुरुआत रोज डे से हो चुकी है। गुलाब सिर्फ प्यार का प्रतीक नहीं है, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद है। आयुर्वेद में इसे ठंडी तासीर वाला माना जाता है, जो शरीर की गर्मी कम करता है और कई शारीरिक व मानसिक परेशानियों में राहत देता है।
खासकर गुलकंद, जो गुलाब की पंखुड़ियों से बनता है, पेट की समस्याओं से लेकर तनाव तक दूर करने में मददगार है। गुलाब की पंखुड़ियां और गुलकंद पाचन के लिए बहुत अच्छे हैं। इनमें लैक्सेटिव गुण होते हैं, जो कब्ज दूर करने में असरदार हैं। गुलकंद पेट की बढ़ी हुई गर्मी यानी जठराग्नि को शांत करता है और एसिडिटी व अल्सर में राहत देता है। नियमित सेवन से पित्त दोष भी संतुलित रहता है।
गर्मियों में होने वाली नाक से खून आना, जलन, थकान और पेट की गर्मी जैसी परेशानियां भी कम होती हैं। आज की तेज़-तर्रार जिंदगी में कब्ज, एसिडिटी और पेट की जलन आम हो गई हैं। ऐसे में हर रोज़ एक-दो चम्मच गुलकंद खाना बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है।
गुलाब त्वचा की देखभाल में भी कमाल करता है। देसी गुलाब की पंखुड़ियों को पीसकर चुटकी भर कच्ची हल्दी और थोड़ा दूध मिलाकर फेस पैक बनाया जा सकता है। इसे लगाने से दाग-धब्बे, मुंहासे और एलर्जी कम होती हैं और चेहरा चमकदार बनता है।
गुलाब का तेल माइग्रेन जैसे तेज सिरदर्द में भी काम आता है। सिर दर्द होने पर गर्म पानी में 4-5 बूंदें गुलाब के तेल की डालकर भाप लेने से दर्द और तनाव दोनों कम होते हैं।
गुलाब के सात्विक गुण मन को शांत रखते हैं। यह चिंता, तनाव और अनिद्रा जैसी समस्याओं में मदद करता है। आयुर्वेद में इसे हृदय और मन दोनों का पोषण करने वाला माना जाता है।
महिलाओं के लिए गुलकंद खास तौर पर फायदेमंद है। यह पीरियड्स की अनियमितता, ज्यादा रक्तस्राव और पित्त से जुड़ी परेशानियों को कम करता है। गर्भवती महिलाओं में पेट की जलन और गर्मी को भी शांत करता है। मुंह के छाले ठीक करने में भी गुलकंद प्रभावी है।

