महाराष्ट्र: ये तीन (CM शिंदे जी तथा देवेंद्र जी व अजीत जी), ब्रह्मा-विष्णु-महेश की जोड़ी जो महाराष्ट्र में विकास का एक नया इतिहास रच रही है।
कांग्रेस के लोग कहते थे कि पैसे डालेंगे खटाखट-खटाखट-खटाखट लेकिन कभी नहीं डाले। लेकिन खटाखट पैसे डालने का काम आज शिंदे जी और उनकी टीम कर रही है।
लाड़की बहना योजना, एक साथ 3000 रू. ये बहनों के केवल आर्थिक रूप से सशक्त करने की योजना नहीं है। जब मैंने मध्यप्रदेश में पूछा बहनों से कि बताओ इस योजना से क्या परिवर्तन आया तो उन्होंने कहा कि भैया अब घर में इज्जत बढ़ गई है। मैं सच कहता हूं। आर्थिक सशक्तीकरण के साथ बहनों को मान और सम्मान की जिंदगी दी है तो ये लाड़की बहना योजना ने दी है। ये महाराष्ट्र वो प्रदेश है जहां फसल बीमा योजना का केवल 1 रूपया लगता है। आज जब मैं यहां आ रहा था तो रास्ते में किसान मिले तो मैं भी रुक रुक कर पूछता आ रहा, तो उन्होंने मुझे अपनी समस्याएं बताई तो मैने वहीं से अपने अधिकारी को कॉल किया।
https://x.com/OfficeofSSC/status/1826254522101956801?t=nmvVPLyLnghQbBoaNPv-Zg&s=08
मैं आपको वचन देता हूं कि महाराष्ट्र के किसानों के साथ न्याय होगा। मोदी जी का संकल्प है किसानों की आय दुगनी करने का। अद्भुत नेता है मोदी जी। लाल किले की प्राचीर से कहा कि मैं तीन गुना ज्यादा काम करूंगा किसानों के लिए, गरीबों के लिए देश के लिए। इसलिए उनके नेतृत्व में उनके मार्गदर्शन में किसानों की आय दुगनी करने में हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
6 हजार रू. मोदी ने किसान सम्मान निधि के दिए। अब बताओ मेरे किसान भाइयों और बहनों कांग्रेस ने कभी किसानों को एक रुपया दिया क्या? कभी धेला नहीं दिया। राहुल गांधी जी केवल बात करते हैं। शरद पवार जी केवल बात करते हैं।
जब शरद जी भारत के कृषि मंत्री थे, तब स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट में ये बात आई कि किसानों की कुल लागत में 50 प्रतिशत मुनाफा जोड़कर एमएसपी तय की जाए। तब शरद पवार जी ने कहा था कि ये नहीं हो सकता। बाजार विकृत हो जाएगा और इंकार कर दिया था।
कांग्रेस के लोग, राष्ट्रवादी कांग्रेस के लोग कहते कुछ हैं और करते कुछ और हैं, लेकिन एमएसपी अब नरेंद्र मोदी जी की सरकार तय करती है तो लागत पर 50 प्रतिशत मुनाफा जोड़कर तय करती है।
आपने कहा शिंदे जी चाहे कपास का मामला हो, चाहे सोयाबीन का मामला हो, चाहे प्याज का मामला हो, दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी हैं, उनके नेतृत्व में और मार्गदर्शन में डबल इंजन की प्रदेश की सरकार मिलकर काम करेगी। आप आइए और हम बैठकर एक-एक मुद्दे को सुलझाएंगे। आप आइए हम बैठेंगे, और हम बैठकर तय करेंगे कि महाराष्ट्र के किसान को कैसे न्याय दिया जाए।
मैं आपको बधाई देता हूं कि आपने एमएसपी की वैसे ही भरपाई कर दी। आज ये जो योजना अपने कृषि महोत्सव में जारी की है जिसमें 5 हजार रूपया प्रति हेक्टेयर सोयाबीन और कपास के किसानों के खाते में डालने का काम करेंगे। इसके लिए मैं आपका अभिनंदन करता हूं। देश के किसी भी राज्य में यह योजना लागू नहीं है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का जो विजन है, उसके छह आयाम है। नंबर 1 उत्पादन बढ़ाना। इसके लिए अभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने किसानों, कृषि वैज्ञानिकों के साथ खेतों में जाकर 65 फसलों के 109 प्रजातियों के m बीज लॉन्च किए हैं, जिससे उत्पादन बढ़ेगा। बाजरे की एक फसल ऐसी है जो 70 दिन में आ जाएगी। धान की एक फसल ऐसी है कि 30% पानी कम लगेगा।
दूसरा काम है लागत घटाने का, इस दिशा में भी हम गंभीरता से काम करेंगे। मैं आपको बताना चाहता हूं कि यूरिया की 45 किलोग्राम की एक बोरी 2366 रुपए की आती है, उसको अब नरेंद्र मोदी जी केवल 266 रुपए में देते हैं, उसमें 2100 रुपए सब्सिडी दी जाती है। वैसे ही डीएपी एक 50 किलोग्राम की बोरी 2433 रुपए की आती है, वो 1350 रुपए में दी जाती है।
हमको नैनो यूरिया, नैनो डीएपी की तरफ जाना पड़ेगा, ताकि कम यूरिया, डीएपी लगे, जमीन पर मिट्टी पर न जाए, फसलों को लगे और किसानों की उपज भी बढ़ाए तथा किसान को ठीक दाम मिले। आज मैं फिर आपको विश्वास दिलाता हूं कि महाराष्ट्र के किसान बहनों और भाइयों कि कपास के, सोयाबीन के और प्याज के ठीक दाम देने में कोई कसर नहीं रहेगी।
चौथी चीज है कृषि के विविधिकरण करने की, उसमें एक उदाहरण बांस का है। केवल परंपरागत फसलें नहीं, फलों की खेती, फूलों की खेती,सब्जियों की खेती, औषधीय खेती, आप बांस जैसे खेती आदि कई प्रकार के उपाय करना पड़ेंगे। प्राकृतिक आपदा अगर आ जाए तो नुकसान की भरपाई, वो फसल बीमा योजना के माध्यम से करते हैं।
आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में हम काम कर रहे हैं। मोदी जी की तड़प है कि विकसित भारत के निर्माण के लिए और ये बात सही है कि विकसित भारत का निर्माण विकसित खेती के बिना नहीं हो सकता। कृषि मंत्री के रूप में यही सोचता हूं कि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। और किसान उसकी आत्मा और किसान केवल आत्मा नहीं है, प्राण भी है।
आज देश का दिल धड़कता है तो वह किसान के कारण धड़कता है, क्योंकि किसान उत्पादन करता है और वही अनाज खाकर हमारी रगों में खून दौड़ता है, वही हमारे दिल को धड़काता है और इसलिए असली दिल की धड़कन कोई है तो वह है किसान भाई और बहन।
मेरे लिए किसान की सेवा भगवान की पूजा है। भगवान की पूजा मानकर किसानों की सेवा करेंगे। कृषि का विकास करेंगे। और जितनी समस्याएं कृषि की राह में हैं एक-एक करके उनका समाधान करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
किसान लाभ की खेती करेगा। फायदे की खेती करेगा। यही संकल्प है हमारा।
मैं फिर आपको विश्वास दिलाता हूं कि महाराष्ट्र के किसानों के साथ न्याय होगा।
वैसे भी महाराष्ट्र से मेरा रिश्ता बहुत गहरा है।
“मी महाराष्ट्र च जमाई आहे।”