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आप पार्टी ने मेवात में हुई हिंसा को लेकर CM मनोहर लाल और गृहमंत्री का इस्तीफे की मांग की

August 3, 2023

आप पार्टी ने मेवात में हुई हिंसा को लेकर CM मनोहर लाल और गृहमंत्री का इस्तीफे की मांग की

आज रोहतक में आम आदमी पार्टी के प्रदेश सीनियर वाइस अध्यक्ष अनुराग ढांडा ने प्रेस वार्ता कर मेवात में हुई हिंसा को लेकर बीजेपी जेजेपी सरकार को जिम्मेवार बताया है वहीं मुख्यमंत्री और गृह मंत्री इस्तीफा देने की बात कही हैअनुराग ढांडा ने कहा कि नूह जिले में हुई हिंसा को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने जो बयान दिया है पुलिस हर व्यक्ति की सुरक्षा नहीं कर सकती है। मुख्यमंत्री ने सीएम के लिए जो शपथ ली उसे वे भूले गए है। उन्होंने शपथ लेते हुए कहा मैं प्रत्येक नागरिक की रक्षा और सुरक्षा करूंगा। सीएम खटर ने प्रदेश के नागरिकों की सुरक्षा के लिए शपथ की थी।

आज प्रदेश में 75 हजार पुलिस के पद है मगर उनमें से फिर 49 हजार पुलिस कर्मी कार्य कर रहे है। उस दिन जब हिंसा होने की अंदेशा थी तो वहां के पुलिस अधीक्षक को छुट्टी पर क्यों भेजा और जब संवेंदनशील मामला होते हुए वहां की पुलिस को क्यों दूसरे जिलों में वीआईपी ड्यूटी पर भेजा गया। वहीं सीएम के अधीन सीआईडी आती है वे गृह मंत्री के साथ सीआईडी की जानकारी सांझा नही करते है। गृह मंत्री कह रहे सीआईडी ने हमे हिंसा होने के अंदेशे की जानकारी नहीं दी। जबकि सीआईडी सिर्फ मुख्यमंत्री को रिपोर्ट करती है। सीआईडी सीएम के अधीन कार्य करती है। कुछ महीने पहले सीआईडी के कब्जे को लेकर सीएम और गृह मंत्री के बीच जंग हुई थी।

गृहमंत्री का बयान की हमारे पास हिंसा होने की जानकारी नहीं थी यह कैसे हो सकता है कि सीएम गृह मंत्री को सीआईडी की ऐसी संवेदनशील जानकारी भी नही देते है। वहीं डिप्टी सीएम कह रहे आयोजको की सही जानकारी नहीं दी गई। जबकि गुरुग्राम के जिला अध्यक्ष ने हरी झंडी दिखा कर रवाना की थी इनके ही लोग थे उन्होंने क्यों नहीं सही भीड़ की जानकारी दी। मुख्यमंत्री का बयान है की एसआईटी नहीं बनानी तो हम पूछते है क्यों नही बनानी एस आई टी जो सीआईडी और इनके अलग अलग बयान है उनकी जांच होनी चाहिए। प्रदेश की जांच एजेंसियां सही जांच नहीं कर सकती है हमारी मांग है सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज से जांच होनी चाहिए। कैसे एक प्रदेश के एक जिले में हिंसा हुई लोगो के मन में सवाल उठ रहा यह राजनीतिक साजिश की तरफ इशारा कर रही रही है।

हरियाणा के इसिहास में कभी इसे दंगे नही हुए जब सीआईडी ने दस दिन पहले इनपुट दिया था तो कैसे एसपी को छुट्टी दी गई और सीएम की सुरक्षा में पुलिस भेजी गई। वहीं यह भारतीय जनता पार्टी राजनीतिक साजिश के तहत एक्सपेरिमेंट्स कर रही जिस प्रकार जिस प्रकार से मणिपुर में तीन महीने से हिंसा हो रही वहां पर भी केंद्र और प्रदेश सरकार मौन है वहां की सरकार को भंग नहीं किया गया और हरियाणा में भी उसी प्रकार के जातीय दंगे करवा रही है। यह एक 2024 के चुनाव को देखते हुए यह साजिश की गई। हमारी मांग है कि इसकी सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज से जांच होनी चाहिए ताकि दूध का दूध पानी का पानी हो जाए।

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