-
वक्त से पहले समय चक्र से भी आगे निकलने की होड़, अपर्याप्त विश्राम, अनियमित भोजन, आटोमेटाइजेशन अर्थात् हर चीज में स्वयंचालन के प्रवेश से शारीरिक श्रम के ह्रास और अत्यधिक तनाव के भीतर जी रहे लोगों में उन सामान्य शारीरिक और मानसिक मूल्यों का ह्रास हो रहा है जो हमारी काया को स्वस्थ और स्वाभाविक.